كَلَّا لَوْ تَعْلَمُونَ عِلْمَ الْيَقِينِ
फ़ारूक़ ख़ान & अहमद
कुछ नहीं, अगर तुम विश्वसनीय ज्ञान के रूप में जान लो! (तो तुम धन-दौलत के पुजारी न बनो) -
फ़ारूक़ ख़ान & नदवी
देखो अगर तुमको यक़ीनी तौर पर मालूम होता (तो हरगिज़ ग़ाफिल न होते)
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