وَأَذِنَتْ لِرَبِّهَا وَحُقَّتْ
फ़ारूक़ ख़ान & अहमद
और वह अपने रब की सुनेगा, और उसे यही चाहिए भी
फ़ारूक़ ख़ान & नदवी
और अपने परवरदिगार का हुक्म बजा लाएगा और उसे वाजिब भी यही है
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